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मोटापा --- खोने लगा है

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1. तनाव का विज्ञान----- -आज के जीवन में अगर कुछ है जो सबके साथ जुड़ गया है चाहे बिना चाहे वो है तनाव ...तनाव का अपना एक विज्ञान है . हम में से ज्यादातर लोग जीवन में जबरदस्ती तनाव को पाले होते हैं . वास्तव में लोग जिन वजहों से तनावग्रस्त होते हैं , वे महत्वपूर्ण नही होती हैं लेकिन इतनी अधिक प्रभावशाली होती हैं कि उनका हमारे दिमाग, मन एवं शरीर पर जबरदस्त असर होता है वास्तव में देखा जाये तो तनाव हमारे शरीर , दिमाग , संवेदनाओं और उर्जा को व्यवस्थित न कर पाने की अयोग्यता है. अतीत , वर्तमान और भविष्य का चक्र, अधूरे सपनों को पूरा करने की ख्वाहिश व जिन्दगी में संतुलन बनाये रखने की चाहना के वाजिब और सही जवाब को आने से रोकने वाली मानसिक स्थिति ही तनाव है  जीवन की भौतिक उपलब्धियों की प्राप्ति, व्यक्तिगत उपलब्धियों की प्राप्ति और इसके लिए परस्पर होड़ा होड़ी से उपजता है अंतर्द्वद जो जन्म देता है तनाव को . तनाव एक ऐसी स्थिति है जिससे बचा नही जा सकता है इसलिए जरुरी है इसका अपेक्षित प्रबंधन क्योकि तनाव मोटापे के मूल में रहता है . तनाव शरीर की ऐसी अवस्था जब व्यक्ति सोचते हुए थकने लग कर दिशाहीन हो जाता...

गन्ने के रस से है ढेरो फायदे

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गन्ने के रस में ढेरों मिनिरल्स और पोषक तत्व हैं जो शरीर को ऊर्जा देते हैं और रक्त संचार ठीक करते हैं जिससे त्वचा स्वस्थ रहती है। वहीं यह शरीर में पानी की कमी पूरा करता है जिससे त्वचा की नमी बरकरार रहती है।           गन्ने के रस में प्रोटीन अच्छी मात्रा में है। फेब्रा‌इल डिसॉडर यानी प्रोटीन की कमी से बार-बार बुखार से बचाव के लिहाज से गन्ने का रस काफी फायदेमंद है। इसमें नींबू और नारियल पानी मिलाकर पीने से किडनी में संक्रमण, युरीन इन्फेक्शन, एसटीडी और पत्थर जैसी समस्याओं में आराम मिल सकता है। गन्ने के रस में एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में हैं जो शरीर की प्रतिरोक्षी क्षमता को मजबूत करते हैं। यह लिवर से जुड़े संक्रमण और पीलिया के मरीजों के लिए भी इसलिए ही फायदेमंद माना जाता है।             गन्ने के रस में पोटैशियम अच्छी मात्रा में है जिस वजह से पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है। कांस्टिपेशन की दिक्कत में आराम के लिए इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है। इसमें मिनिरल्स अधिक होते हैं इसलिए यह मुंह से संबंधित समस्या जैसे - दांतों म...

भगवान शिव ने भी मृत्यु के कुछ संकेत बताए

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आज हम आपको मृत्युपूर्व होने वाले कुछ ऐसे आभासों के बारे में जरूर बताने जा रहे हैं जिन्हें जानने के बाद आपको ये अंदाजा हो जाएगा कि किस व्यक्ति की मौत कितनी निकट है।  जैसे-जैसे समय बीतता जाता है वह व्यक्ति अपनी नाक को देख पाने में असमर्थ महसूस करता है जिसकी मौत उसके निकट होती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मृत्यु से कुछ समय पहले व्यक्ति की आंखें ऊपर की ओर मुड़ने लगती हैं।  मृत्यु से कुछ समय पहले व्यक्ति को आसमान के चांद में दरार या फिर वो खंडित नजर आने लगता है।  सामान्यतौर पर अगर हम अपने दोनों कानों को हाथ से बंद कर लेते हैं तो हमें कोई आवाज सुनाई देती है लेकिन जिस व्यक्ति की मौत नजदीक होती है उसे सिर्फ सन्नाटा महसूस होता है।  मृत्यु का समय नजदीक आने पर व्यक्ति की परछाई तक उसका साथ छोड़ देती है. यहां तक कि तेल, पानी में भी व्यक्ति को अपनी छाया नजर नहीं आती।  जब किसी व्यक्ति का समय पूरा हो जाता है तो उसे अपने मृत परिजनों के साथ होने का एहसास होता है।  मृत्यु से 2-3 दिन पहले व्यक्ति को किसी साये का अपने साथ होने जैसा एहसास होने लगता है।  मृत्यु स...

जमींदार और किसान की होशियार बेटी

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बहुत समय पहले की बात है , किसी गाँव में एक किसान रहता था।  उस किसान की एक बहुत ही सुन्दर बेटी थी . दुर्भाग्यवश , गाँव के जमींदार से उसने बहुत सारा धनउधार लिया हुआ था। जमीनदार बूढा और कुरूप था . किसान की सुंदर बेटी को देखकर उसने सोचा क्यूँ न कर्जे के बदले किसान के सामने उसकी बेटी से विवाह का प्रस्ताव रखा जाये जमींदार किसान के पास गया और उसने कहा - . तुम अपनी बेटी का विवाह मेरे साथ कर दो।  बदले में मैं तुम्हारा सारा कर्ज माफ़ कर दूंगा . जमींदार की बात सुन कर किसान और किसान की बेटी के होश उड़ गए।  तब जमींदार ने कहा - चलो गाँव की पंचायत के पास चलते हैं और जो निर्णय वे लेंगे उसे हम दोनों को ही मानना ​​होगा।  वो सब मिल कर पंचायत के पास गए और उन्हें सब कह सुनाया। उनकी बात सुन कर पंचायत ने थोडा सोच विचार किया और कहा - ये मामला बड़ा उलझा हुआ है अतः हम इसका फैसला किस्मत पर छोड़ते हैं . जमींदार सामने पड़े सफ़ेद और काले रोड़ों के ढेर से एक काला और एक सफ़ेद रोड़ा उठाकर एक थैले में रख देगा फिर लड़की बिना देखे उस थैले से एक रोड़ा उठाएगी , और उस आधार पर उसके पास तीन विकल्प होंगे : 1...

आज के युग का जिन्न

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एक नवविवाहित युवक अपनी पत्नी को अपनी पसंदीदा जगहों की सैर करा रहा था, सो, वह पत्नी को उस स्टेडियम में भी ले गया, जहां वह क्रिकेट खेला करता था... अचानक वह पत्नी से बोला, `क्यों न तुम भी बल्ले पर अपना हाथ आज़माकर देखो... हो सकता है, तुम अच्छा खेल पाओ, और मुझे अभ्यास के लिए एक साथी घर पर ही मिल जाए...` पत्नी भी मूड में थी, सो, तुरंत हामी भर दी और बल्ला हाथ में थामकर तैयार हो गई... पति ने गेंद फेंकी, और पत्नी ने बल्ला घुमा दिया... इत्तफाक से गेंद बल्ले के बीचोंबीच टकराई, और स्टेडियम के बाहर पहुंच गई... पति-पत्नी गेंद तलाशने बाहर की तरफ आए तो देखा, गेंद ने करीब ही बने एक सुनसान-से घर की पहली मंज़िल पर बने कमरे की खिड़की का कांच तोड़ दिया है... अब पति-पत्नी मकान-मालिक की गालियां सुनने के लिए खुद को तैयार करने के बाद सीढ़ियों की तरफ बढ़े, और पहली मंज़िल पर बने एकमात्र कमरे तक पहुंच गए... दरवाजा खटखटाया, तो भीतर से आवाज़ आई, `अंदर आ जाओ...` जब दोनों दरवाजा खोलकर भीतर घुसे तो हर तरफ कांच ही कांच फैला दिखाई दिया, और उसके अलावा कांच ही की एक टूटी बोतल भी नज़र आई... वहीं सोफे पर हट्टा-कट्टा आदमी ब...

अमेरिका में भारतीय बीड़ी पर पाबंदी

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वॉशिंगटन। अमेरिका ने एक भारतीय कंपनी द्वारा बनाई जा रही बीड़ी पर पाबंदी लगा दी है। अमेरिकी खाद्य तथा औषधी विभाग ने जश इंटरनेशनल पर यह कार्रवाई की है। विभाग द्वारा जारी बयान के मुताबिक, अब इस कंपनी की बनाई छोटी सिगरेट (बीड़ी) अमेरिका में नहीं बेची जाएगी, क्योंकि इस कंपनी के उत्पाद मापदंडों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। 2011 के सर्वे के मुताबिक, अमेरिका में भी बीड़ी का काफी सेवन होता है। यहां तक कि 1.7 फीसदी स्कूल बच्चे बीड़ी पीते हैं। - See more at: http://naidunia.jagran.com/world/-us-bans-bidis-made-by-indian-tobacco-company-38484#sthash.39E4RI8n.dpuf वॉशिंगटन। अमेरिका ने एक भारतीय कंपनी द्वारा बनाई जा रही बीड़ी पर पाबंदी लगा दी है। अमेरिकी खाद्य तथा औषधी विभाग ने जश इंटरनेशनल पर यह कार्रवाई की है।वॉशिंगटन। अमेरिका ने एक भारतीय कंपनी द्वारा बनाई जा रही बीड़ी पर पाबंदी लगा दी है। अमेरिकी खाद्य तथा औषधी विभाग ने जश इंटरनेशनल पर यह कार्रवाई की है। विभाग द्वारा जारी बयान के मुताबिक, अब इस कंपनी की बनाई छोटी सिगरेट (बीड़ी) अमेरिका में नहीं बेची जाएगी, क्योंकि इस कंपनी के उत्पाद मापदंडो...

अँगूठी की कीमत ....

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अँगूठी * खान साहब ने अपने लिये शादी का इश्तेहार दिया तो कई लड़कियों के  रिश्ते आ गये। काम काज और  संपत्ति के बारे में पूछने पर खान साहब सबको यही बताते “मैं तो  किराये के मकान मे रहता हूं। कभी मेरा  अच्छा खासा व्यापार भी था पर माँ बाप की लम्बी बीमारी की वजह से  घर में ना तो कुछ पैसा ही बच पाया  और काम धंधे पर भी ध्यान नहीं दे सका. लेकिन अब दोनो के इंतकाल  हो जाने के बा द फिर से कुछ  करने का इरादा है. संपत्ति के नाम पर मेरे पास बस उँगली में पहनी यह एक  अँगूठी ही रह गयी है। बाकी  सब बिक गया. मैं शरीफ खानदान का हूँ और अपनी बीवी को भी हमेशा सुखी रखूँगा यह मेरा वादा है. ऐसे  हालात में जो भी लड़की मुझसे शादी करना चाहे हाँ कर सकती है ” दस लड़कियों के रिश्ते आये और  फक्कड़ की बातों को सुनकर उनको पागल समझकर चले गये. ग्यारवां रिश्ता एक सरदारनी मंजीत कौर  का आया. उसे खान साहब की साफदिली ऐसी भाई कि उसने रिश्ते के लिये हाँ कर दी. शादी भी सादगी के  साथ हो गयी।  एक दिन मंजीत की सहेली आबिदा उससे मिलने उसके घर आयी. घर बहुत आलीशान ...