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महाभारत काल के १०० कौरवो के नाम ..

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महाभारत काल के १०० कौरवो के नाम   दुर्योधन, दु:शासन, दु:सह, दु:शल, जलसंघ, सम, सह, विंद, अनुविंद, दुर्धर्ष, सुबाहु, दुषप्रधर्षण, दुर्मशर्ण,  दुर्मुख, दुष्कर्ण, विकर्ण, शल, सत्वान, सुलोचन, चित्र, उपचित्र, चित्राक्ष, चारुचित्र, शरासन, दुर्मद, दुर्विगाह,  विवित्सु, विक्टानन्द, ऊर्णनाभ, सुनाभ, नन्द, उपनंद, चित्रबाण, चित्रवर्मा, सुवर्मा, दुर्विमोचन, अयोबाहु,  महाबाहु, चित्रांग, चित्रकुंडल, भीमवेग, भीमबल,  बालाकि, बलवर्धन, उग्रायुध, सुषेण, कुण्डधर, महोदर,  चित्रायुध, निषंगी, पाशी, वृंदारक, द्दणवर्मा, द्रढ़क्षत्र, सोमकिर्ती, अनूदर, दढ़संघ, जरासंघ, सत्यसंघ,  सद्सुवाक, उग्रश्रवा, उग्रसेन, सेनानी, दुष्पराजय, अपराजित, कुण्डशायी, विशालाक्ष, दुराधर, दृढहस्त,  सुहस्त, वातवेग, सुवर्च, आदित्यकेतु, बह्वाशी, नागदत्त, उग्रशायी, कवचि, क्रथन, कुण्डी, भीमविक्र,  धनुर्धर, वीरबाहु, अलोलुप, अभय, दृढकर्मा, दृढथाश्र्य, अनाध्रश्य, कुण्डभेदी, विरवि, चित्रकुण्डल, प्रधम,  अमाप्रमाथि, दीर्घरोमा, सुवीर्यवान, दीर्घबाहु, सुजात, कनकध्वज, कुण्डाशी, विरज, युयुत्सु, इसके अलावा...

आँखों में ख़ुशी, गर्व और सम्मान के आंसू

इस साल मेरा सात वर्षीय बेटा दूसरी कक्षा मैं प्रवेश पा गया ....क्लास मैं हमेशा से अव्वल आता रहा है !  पिछले दिनों तनख्वाह मिली तो मैं उसे नयी स्कूल ड्रेसऔर जूते दिलवाने के लिए बाज़ार ले गया ! बेटे ने  जूते लेने से ये कह कर मना कर दिया की पुराने जूतों को बस थोड़ी-सी मरम्मत की जरुरत है वो अभी इस  साल काम दे सकते हैं! अपने जूतों की बजाये उसने मुझे अपने दादा की कमजोर हो चुकी नज़र के लिए  नया चश्मा बनवाने को कहा ! मैंने सोचा बेटा अपने दादा से शायद बहुत प्यार करता है इसलिए अपने जूतों  की बजाय उनके चश्मे को ज्यादा जरूरी समझ रहा है ! खैर मैंने कुछ कहना जरुरी नहीं समझा और उसे  लेकर ड्रेस की दुकान पर पहुंचा.....दुकानदार ने बेटे के साइज़ की सफ़ेद शर्ट निकाली ...डाल कर देखने पर  शर्ट एक दम फिट थी.....फिर भी बेटे ने थोड़ी लम्बी शर्ट दिखाने को कहा !!!! मैंने बेटे से कहा : बेटा ये शर्ट  तुम्हें बिल्कुल सही है तो फिर और लम्बी क्यों ?  बेटे ने कहा : पिता जी मुझे शर्ट निक्कर के अंदर ही  डालनी होती है इसलिए थोड़ी लम्बी भी होगी तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा..........

जो मैं नहीं हुँ, वह होने का नाटक मैंनें कभी नहीं किया।

① उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक तुम अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेते। ② जब मृत्यु निश्चत है तो सच्चे और ईमानदार उद्देश्य के लिए देह त्याग करना ही बेहतर है। ③ सत्य मेरा ईश्वर है, सनग्र जगत मेरा देश है। ④ मैं कायरता से घृणा करता हुँ। ⑤ संसार में स्वार्थशुन्य सहानुभूति विरल है। ⑥ मैं मन-कर्म-वचन से पवित्र, निस्वार्थ और निश्चल हो सकुं। ⑦ सांसारिक उन्नति के लिए मधूरभाषी होना कितना अच्छा होता है, यह मैं बखुबी जानता हूँ। ⑧ अच्छा काम बिना बाधा के संपन्न नहीं होता। ⑨ अनुभव ही एक मात्र शिक्षक है। ⑩ जो मैं नहीं हुँ, वह होने का नाटक मैंनें कभी नहीं किया।  By....Swami VivekaNand

क्या आप इन्टरनेट से कमाने के बारे में सोच रहे हैं ?

निश्चित तौर पर बहुत से लोग ऐसा सोचते हैं ,इस बारे में लुभावने और भ्रामक विज्ञापन भी देखने को मिलते हैं |कई लोग ठगे भी जाते हैं फिर भी कुछ ऐसे लोग है जो कमा रहे हैं | लेकिन जो लोग कमा रहे हैं वो ये स्वीकार तो करते हैं मगर तरीका नहीं बताते ,शायद इसके पीछे मूल भावना ये रहती होगी कि कौन फालतू के पचड़े में पड़े और अपना समय ख़राब करें | मगर ज्ञानी लोग कह गए हैं की सरस्वती के भण्डार की बड़ी अपूरब बात ,ज्यूँ खर्चे त्यूं बढे ,बिना खर्चे घट जात | मेरी पिछली पोस्ट में मेने गूगल adsense के बारे में बताया था ,इसी तरह की दूसरी कंपनिया भी हैं ,मगर अभी तक मैंने उनसे कमाया नहीं इसलिए मैं उनका समर्थन नहीं करता | जिस दिन साबित हो जाएगा उस दिन इस बारे में आपसे जरुर चर्चा करूँगा | कुछ सलाह जो मैं देना चाहता हूँ ,आप किसी भी AD Network के लिए अप्लाई करें ध्यान में रखे - 1. आपके ब्लॉग का लेआउट और नेविगेशन साफ़ सुथरा और सरल हो |आपके पाठक को सामग्री आसानी से मिले ,जितना सादा रखेंगे उतनी ही तकनिकी गलतियाँ कम होगी जो कि एक मत्वपूर्ण बात हैं | 2.जन्हा तक हो कॉपी पेस्ट से बचे ,इस से आपके ब्लॉग की साख घटती हैं ,और आ...

खाना खा कर करे मोटापा और वजन कम

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मोटापा और वजन कम करने के लिए रेग्युलर डाइटिंग पुराना फैशन है। सोचिए, अगर कुछ ऐसा मिले जिसे खाने के बाद बॉडी फैट आसानी से बर्न हो जाए और कुछ करना भी न पड़े तो क्या कहने। डालते हैं नजर ऐसे ही 20 फैट गलाऊ फूड पर, जिन्हें आप अपने रेग्युलर डाइट में शामिल करके अपने शरीर में आसानी से फर्क महसूस कर सकते हैं: 1. ग्रीन टी : दिन भर में 3-5 बार ग्रीन टी पीने से बिना किसी कोशिश के 80 कैलरी बर्न की जा सकती है। 2. कोकोनट: इसमें भरपूर मात्रा में मीडियम चेन ट्राईग्लिसराइड्स होते हैं, जिससे बॉडी का मेटाबॉलिजम 30 पर्सेंट तक बढ़ जाता है। 3. लहसुन: इसमें पाया जाने वाला एलिसिन शरीर से फैट कम करने में मदद करता है। 4. लाल मिर्च: ये बॉडी टेंप्रेचर को बढ़ाने और मेटाबॉलिजम को तेज करने में मददगार होता है। 5. अदरक: सदियों से पेट की दिक्कतों के लिए इस्तेमाल होने वाला अदरक डाइजेस्ट करने की क्षमता को बेहतर करने के साथ-साथ पेट पर जमे फैट को कम करने में मदद करता है। 6. प्याज: कम कैलरी वाले प्याज को रेग्युलर डाइट का हिस्सा बनाएं। इससे कॉलेस्ट्राल की मात्रा घटाने में मदद मिलती है। 7. नींबू: लिवर में मौजूद टॉक्सिक एजेंट्स...

एलोवेरा (ग्वारपाठा या घृतकुमारी) के अदभूत फायदे

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एलोवेरा (ग्वारपाठा या घृतकुमारी) के अदभूत फायदे  है जानिए इसे  ************************** ******************** एलोवेरा भारत में ग्वारपाठा या घृतकुमारी हरी सब्जी के नाम से  प्राचीनकाल से जाना जाने वाला कांटेदार पत्तियों वाला पौधा है,  जिसमें रोग निवारण के गुण कूट-कूट कर भरे पड़े हैं। आयुर्वेद में  इसे घृतकुमारी की 'उपाधि' मिली हुई है तथा महाराजा का स्थान  दिया गया है। औषधि की दुनिया में इसे  संजीवनी भी कहा जाता  है। इसकी 200 जातियां होती हैं, परंतु प्रथम 5 ही मानव शरीर के  लिए उपयोगी हैं। रामायण, बाइबिल और वेदों में भी इस पौधे के गुणों की चर्चा की गई है। एलोवेरा का जूस पीने से कई वीमारियों का निदान हो जाता है। आयुर्वेदिक पद्धति के मु‍ताबिक इसके सेवन से वायुजनित रोग, पेट के रोग, जोडों के दर्द, अल्सर, अम्लनपित्त आदि बीमारियां दूर हो जाती हैं। इसके अलावा एलोवेरा को रक्त शोधक, पाचन क्रिया के लिए काफी गुणकारी माना जाता है। इसकी बारना डेंसीस नाम की जाति प्रथम स्थान पर है। इसमें 18 धातु, 15 एमीनो एसिड और 12 विटामिन मौजूद होते हैं। इसकी  तासीर गर...

माँ से प्यारा और क्या

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माँ से प्यारा और क्या ???? एक धनी व्यक्ति की माँ अक्सर बीमार रहती थी। माँ रोज बेटे-बहू को कहती थी कि बेटा, मुझे डॉक्टर के पास ले चल। बेटा भी रोज पत्नी को कह देता, माँ को ले जाना, मैं तो फैक्टरी के काम में व्यस्त रहता हूँ। क्या तुम माँ का चेकअप नहीं करा सकती हो? पत्नी भी लापरवाही से उत्तर दे देती, पिछले साल गई तो थी, डॉक्टर ने कोई ऑपरेशन का कहा है। जब तकलीफ होगी ले जाना और वह अपने काम में लग जाती। बेटा भी ब्रीफकेस उठाकर चलता हुआ बोल जाता कि माँ तुम भी थोड़ी सहनशक्ति रखा करो। फैक्टरी की पार्किंग में उस व्यक्ति को हमेशा एक निर्धन लड़का मिलता था। वह पार्किंग के पास ही बूट पॉलिश करता रहता। और जब कभी बूट पॉलिश का काम नहीं होता, तब वह वहाँ रखी गाड़ियों को कपड़े से साफ करता। गाड़ी वाले उसे जो भी 2-4 रुपए देते उसे ले लेता। धनी व्यक्ति और अन्य दूसरे लोग भी रोज मिलने से उसे पहचानने लग गए थे। लड़का भी जिस साहब से 5 रुपए मिलते उस साहब को लंबा सलाम ठोकता था। एक दिन की बात है धनी व्यक्ति शाम को मीटिंग लेकर अपने कैबिन में आकर बैठा। उसको एक जरूरी फोन पर जानकारी मिली, जो उसके घर से था। घर का नंबर मिलाया...