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Showing posts from June, 2013

ये ही जीवन की सच्चाई है…

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भगवान ने पहले गधे को बनाया – और कहा तुम गधे होगे | तुम सुबह से शाम तक बिना थके काम करोगे | तुम घास खाओगे और तुम्हारे पास अक्ल नहीं होगी और तुम 50 साल जियोगे |” गधा बोला – मै 50 साल नहीं जीना चाहता | ये बहुत ज्यादा है | आप मुझे 20 साल ही दें | भगवान ने कहा तथास्तु………. —————————————— भगवान ने फिर कुत्ते को बनाया – और कहा तुम कुत्ते होगे | तुम घर की रखवाली करोगे | तुम आदमी के दोस्त होगे | तुम वह खाओगे जो आदमी तुम्हे देगा | तुम 30 वर्ष जियोगे |” कुत्ता बोला – मै 30 साल नहीं जीना चाहता | ये बहुत ज्यादा है | आप मुझे 15 साल ही दें | भगवान ने कहा तथास्तु……… —————————————— फिर भगवान ने बन्दर को बनाया – और कहा तुम बन्दर होगे | तुम एक डाली से दूसरी में उछलते कूदते रहोगे | तुम 20 वर्ष जियोगे |” तो बन्दर बोला – मै 20 साल नहीं जीना चाहता | ये बहुत ज्यादा है | आप मुझे 10 साल ही दें | भगवान ने कहा तथास्तु………. —————————————— आखिर में भगवान ने आदमी को बनाया – और कहा तुम आदमी होगे | तुम धरती के सबसे अनोखे जीव होगे| तुम अपनी अकलमंदी से सभी जानवरों के मास्टर होगे| तुम दुनिया पे राज करोगे ...

मैंने नहीं किया !!!!!

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मैंने नहीं किया- राहुल सातवीं कक्षा में पढ़ता था। उसकी बस एक ही गंदी आदत थी कि वह बहुत शरारती था। जब उसकी शरारत पकड़ी जाती तो वह झट से कह देता, मैंने नहीं किया। उसकी इस आदत से घरवाले और टीचर्स ही नहीं, बल्कि उसके दोस्त भी परेशान थे। ब्लैकबोर्ड पर चश्मा लगाए बंदर का चित्र देखकर मास्टरजी का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने हवा में छड़ी लहराते हुए गुस्से से पूछा, ‘यह किसकी शरारत है? जल्दी बताओ।’ पूरी क्लास में सन्नाटा छा गया। कोई भी मुंह खोलने को तैयार नहीं था। मास्टरजी ने दोबारा पूछा और कहा, ‘अगर अब भी वह छात्र सामने नहीं आया, जिसने यह शरारत की है तो मैं उसे कड़ी-से-कड़ी सजा दूंगा।’ उन्होंने राहुल की ओर देखते हुए पूछा, ‘क्या तुम्हें मालूम है, यह किसकी..’ मास्टरजी अपनी बात पूरी करते कि इससे पहले ही राहुल ने अपना तकिया कलाम दोहरा दिया, ‘मैंने नहीं किया मास्टरजी।’ वह मन ही मन मुस्करा रहा था कि मास्टरजी उसे नहीं पकड़ पाएंगे, क्योंकि क्लास के किसी भी छात्र में उसका नाम बताने की हिम्मत नहीं है। लेकिन मास्टरजी ने भी तय कर लिया था कि जिस छात्र ने भी यह शरारत की है, उसे सबक सिखाकर ही छोड़...

अजवाइन से कुछ रोगों का उचार ...

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अजवायन - अजवायन  (Thyme) एक झाड़ीनुमा वनस्पति है जो मसाला एवं औषधि के रूप में प्रयुक्त होती है।    अजवायन  के बहुत से गुण हैं। इसे अपने साथ यात्रा में भी रखा जा सकता है। इसका प्रयोग  रोगों के अनुसार कई प्रकार से होता है। अजवाइन से कुछ रोगों का उचार - सरसों के तेल में अजवायन डालकर अच्छी तरह गरम करें। इससे जोड़ों की मालिश करने पर जोड़ों के दर्द  में आराम होता है।  दाद होने पर गर्म पानी में अजवाइन पीसकर लेप करें।दाद एक सप्ताह में ठीक हो जाएगा।  सर्दी, गर्मी के प्रभाव के कारण गला बैठ जाता है। बेर के पत्तों और अजवाइन को पानी में उबालकर,  छानकर उस पानी से गरारे करने पर लाभ होता है।   अजवायन मोटापे को कम करने में मदद करती है। अतः रात्रि में एक चम्मच अजवायन एक गिलास पानी में भिगोएँ। सुबह छानकर उस पानी में शहद डालकर पीने पर लाभ होता है। अजवायन, काला नमक, सौंठ तीनों को पीसकर चूर्ण बना लें। भोजन के बाद फाँकने पर अजीर्ण, अशुद्ध वायु का बनना व ऊपर चढ़ना बंद हो जाएगा। मुख से दुर्गंध आने पर थोड़ी सी अजवायन को पानी में उबालकर रख लें, फिर इस पानी से दिन ...

संस्कृत के आचार्य पाणिनि की एक प्रचलित शिक्षाप्रद कथा

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एक बार की बात है की किसी स्कूल में एक बालक पढ़ने जाता था । जैसे दूसरे बालक भी जाते थे । यह बालक पढ़ने में थोड़ा कमजोर किस्म का था सो रोज ही गुरु  जी,के डंडों से मार खाता था । यह सिलसिला चलता- रहा, चलता- रहा ! एक दिनकी बात है की गुरु जी, ने एक-एक बालक की सीट पर जा कर दिया हुआ कार्य देख रहे थे  । इस बालक ने अपने आदतानुसार काम नहीं किया था और अपने आप ही हथेली गुरु जी के आगे कर दी मार खाने के लिए । गुरु  जी ने डंडा उठाया और हथेली की तरफ देखते ही डंडा रख दिया और कहा बेटे मै तुझे नाहक रोज ही मारता रहा हूँ, तेरे तो हाथ में तो विद्या की रेखा है ही नहीं । बस फिर क्या था बालक को यह बात चुभ गयी और उसने गुरु  जी से पूछा- गुरु  जी, मुझे बताईये की हाथ में विद्या- रेखा कहा होती है? गुरु  जी ,ने उसे विद्या- रेखा का स्थान बता दिया । बालक उसी क्षण गया और तेज धार वाली धातु  ले कर उस स्थान पर चीरा लगा कर वापिस कक्षा में आया । गुरु  जी, ने उसकी लहू-लुहान हथेली देखकर पूछा की यह कैसे हो गया ? बालक ने बताया की गुरु जी मैंने अपने हाथ में खुद ही विद्या की रेखा खींच ली है ,...

वो भयानक रात ......

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कृपया कमज़ोर दिल वाले न पढ़ें। यह एक सच्ची घटना है जो पिछले महीने लोनावाला के पास घटी। एक युवक मुम्बई से पुणे अपनी कार से जा रहा था। जब वह घाट के पास पहुँचा तभी अनहोनी घटी। उसकी कार खराब हो गई और वहाँ दूर-दूर तक कोई नज़र भी नहीं आ रहा था। वह किसी कार से पास के कस्बे तक लिफ्ट लेने की आशा में सड़क के किनारे-किनारे चलने लगा। रात अँधेरी और तूफानी थी। पानी झमाझम बरस रहा था। जल्दी ही वह पूरी तरह भीग गया और काँपने लगा। उसे कोई कार नहीं मिली और पानी इतनी तेज बरस रहा था कि कुछ मीटर दूर की चीजें भी नहीं दिखाई दे रही थीं। तभी उसने एक कार को अपनी तरफ आते देखा जो उससे पास आकर धीरे हो गई। लड़के ने आव देखा न ताव, झट से कार का पिछला दरवाजा खोला और अंदर कूद गया। जब वह अपने मददगार को धन्यवाद देने के लिए आगे झुका तो उसके होश उड़ गए क्योंकि ड्राइवर की सीट खाली थी। आगे की सीट खाली और इंजन की आवाज़ न होने के बावजूद भी कार सड़क पर चल रही थी। लड़के ने तभी आगे सड़क पर एक मोड़ देखा। अपनी मौत नजदीक देख वह लड़का जोर-जोर से भगवान को याद करने लगा। तभी खिड़की से एक हाथ आया और उसने कार के स्टीयरिंग व्हील को मोड़ दिया...

मां धारी देवी के मंदिर को विस्थापित नहीं किया गया होता तो यह आपदा कभी नहीं आती।

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उत्तराखण्ड में आई आपदा रुक जाती, अगर उमा भारती की बात सुन ली गई होती। कम से कम उत्तराखण्ड में बड़े बुजुर्गों के हवाले से सोशल मीडिया पर वहां के नौजवान यही जानकारी प्रेसित कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर मौजूद इन लोगों का स्थानीय बुजुर्गों के हवा ले से कहना है कि जो हुआ है वह प्रत्यक्ष दैवी आपदा है। दैवी आपदा का मतलब वह नहीं जो सरकार बता रही है। बल्कि दैवी आपदा का मतलब वह जो सरकार वहां कर रही है, उसके कारण ही यह आपदा आई है। एक पहाड़ी बुजुर्ग का कहना है कि यह प्रत्यक्ष दैवी का प्रकोप है. जो लोग पहाड़ के निवासी है वो ये बात जानते है कि पहाड़ के देवी देवता कितनी जल्दी रुष्ट होते है. जिस दिन ये देवी आपदा आई, मतलब शनिवार की शाम को, उसी दिन शाम को श्रीनगर में "धारी देवी" के मंदिर को विस्थापित किया गया था. लगभग शाम को ६ बजे और केदारनाथ में जो भरी तबाही हुई वो भी लगभग ८ बजे शुरू हुई. मौसम विभाग के अनुसार जहां जून के मानसून में 70 मीमी बारिश का अनुमान होता है परन्तु वहा 300मीमी बारिश हुई, वो भी सिर्फ 30 घंटो में. स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि "माँ धारी देवी बड़ी प्रत्यक्ष शक्ति है उस...

"क्या आपके पास ई-मेल पता नही है? शायद आप मजाक कर रहे हो… "

एक बेकार आदमी ने ‘ऑफिस-बॉय’ की जोब केलिए माईक्रोसोफ्ट में अर्जी दी. वहां की एचआर मैनेजर ने उसे देखा और उस बंदे को इंटरव्यु के लिए बुलाया. "अच्छा, तो तुम माईक्रोसोफ्ट में काम करना चाहते हो. तुम्हारा ई-मेल एड्रेस दो. ताकि मैं तुम्हें जवाब भेज सकुं कि कब से तुम्हें काम शुरू करना है." आदमी बोला, "मेरा कोई ई-मेल आईडी नहीं है क्योंकि मेरे पास कम्प्युटर ही नही है." एचआर मैनेजर : "तो फिर मुझे माफ करना. मैं तुम्हारे लिए कुछ भी नहीं कर सकती. अगर तुम्हारे पास ई-मेल पता ही नहीं है तो तुम इस नोकरी के लायक नहीं." वह लड़का बिना कुछ बोले उस ऑफिस से बहार निकल गया. उसकी जेब में सिर्फ 10 रुपए थे. वह बेकार था और काम करके कुछ कमाना चाहता था. अचानक उसके मन में एक विचार आया. वह सीधा सब्जी मार्केट गया और वहां से उसने 10 रुपए के टमाटर खरीद लिए. टमाटर खरीद कर वह उसी मंडी में बैठ गया. दो घंटे में उसके सारे टमाटर बिक गए. अब उसके पास 20 रूपए हो गए थे. इस व्यापार में उसको बहुत मजा आया. फिर तो उसने 20 के टमाटर खरीदे और घर घर जाकर उसको बेचने लगा. धीरे-धीरे उसका व्याप...

लफ्जों का हेर-फेर

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लफ्जों का हेर-फेर पहली तस्वीर : शाम को घर लौटते ही, जैसे ही आप अपनी बीवी को देखें, तुरंत कहें, "आज तो तुम बिलकुल हत्यारिन लग रही हो!" आपको शाम की चाय तो क्या, रात का खाना भी नसीब नहीं होगा! दूसरे तीसरे दिन मिल जाये तो गनीमत होगी. दूसरी तस्वीर : शाम को घर लौटते ही, जैसे ही आप अपनी बीवी को देखें, तुरंत कहें, "आज तो तुम बड़ी क़ातिल लग रही हो, क्या इरादा है?" इस डायलाग के बाद आपको शाम की चाय के साथ गरमा-गर्म पकौड़े और जाने क्या क्या आप अंदाज़ ही लगा सकते है।

एल.एल.बी. की पढाई...!!

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एल.एल.बी. की पढाई...!! प्रोफेसर :- अगर तुम्हे किसी को संतरा देना हो तो क्या बोलोगे ? छात्र :- ये संतरा लो. ... प्रोफेसर :- नहीं ... एक वकील की तरह बोलो. छात्र :- मैं एतद् द्वारा अपनी पूरी रुची और बिना किसी के दबाव में यह फल जो संतरा कहलाता है को उसके छिलके, रस, गुदे और बीज समेत देता हूँ और साथ ही इस बात का सम्पूर्ण अधिकार भी कि इसे लेने वाला इसे काटने, छिलने, फ्रिज में रखने या खाने के लिये पूरी तरह अधिकार रखेगा और साथ ही यह भी अधिकार रखेगा कि इसे वो दूसरे को छिलके, रस, गुदे और बीज के बिना या उसके साथ दे सकता है. और इसके बाद मेरा किसी भी प्रकार से इस संतरे से कोई सम्बन्ध नहीं रह जायेगा..!! [..अंतरजाल में उड़ता हुआ.. संतरे के मालिक को आभार.. ] ********************************************************************

ये क्या है मोहब्बत में तो ऐसा नहीं होता,...!!!

ये क्या है मोहब्बत में तो ऐसा नहीं होता, मैं तुझसे जुदा होके भी तन्हा नहीं होता। इस मोड़ के आगे भी कई मोड़ हैं वर्ना, यूं मेरे लिए तू कभी ठहरा नहीं होता। क्यों मेरा मुकद्दर है उजालों की सियाही, क्यों रात के ढलने पे सवेरा नहीं होता। या इतनी न तब्दील हुई होती ये दुनिया, या मैंने इसे ख्वाब में देखा नहीं होता। सुनते हैं सभी गौर से आवाजे-जरस को, मंजिल की तरफ कोई रवाना नहीं होता। दिल तर्के-तआल्लुक पे भी आमादा नहीं है, और हक भी अदा इससे वफा का नहीं होता। #  शहरयार

जिस्मे-सदपाक भी आईना दिखाता है मुझे

दिल में रखता है न पलकों पे बिठाता है मुझे, फिर भी उस शख्स में क्या-क्या नजर आता है मुझे। सारी आवाजों को सन्नाटे निगल जाएंगे, कब से रह-रह के यही खौफ सताता है मुझे। ये अलग बात है कि दिन में तुझे रखता है निढाल, रात की जद से तो सूरज ही बचाता है मुझे। इक नए कहर के इमकान से बोझल है फजा, आसमां धुंध में लिपटा नजर आता है मुझे। तज्किरा इतना हुआ रूह की आलूदगी का, जिस्मे-सदपाक भी आईना दिखाता है मुझे | # शहरयार

याद करने के लिये उम्र पड़ी हो जैसे ...!!

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ऐसे चुप हैं कि ये मंज़िल भी कड़ी हो जैसे  तेरा मिलना भी जुदाई कि घड़ी हो जैसे  मंज़िलें दूर भी हैं मंज़िलें नज़दीक भी हैं  अपने ही पावों में ज़ंजीर पड़ी हो जैसे  कितने नादान हैं तेरे भूलने वाले कि तुझे  याद करने के लिये उम्र पड़ी हो जैसे ...!!                                                                 

का करे कन्हैया ....

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का करे कन्हैया .......... बंसरी का जादू .....अब चलता नहीं है ..... facebook से गोपियों को वक्त मिलता नहीं है ..... माखन में मिलावट है ........ रास में DJ की aahat है .......... ग्वालबाल आवारा हो गए ........ बलदाऊ भी नाकारा हो गए ......... रणछोड़ हर कोई हो गया है ......... सुदामा भी US में कही खो गया है ........ सन्देश भेजे भी तो कैसे ....... अक्रूर भी तो कंस का हो गया है……                                                        # अवनीश शर्मा  लीला ही करते रहोगे ...... क्या ?? माखन ही खाते रहोगे ..... क्या ??  मुरली ही बजाते रहोगे .... क्या ??  कुछ काम करो, कुछ ध्यान करो ~ ~ ~ ~ लीला छोडो, कल्याण करो,  तुम हो इसका परमान करो,  जागृत होवो, अब उठ बैठो - हे कृष्ण-कन्हईया कुछ तो करो !!!  # चंदा 

घमौरियों से पाएँ निजात :-

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घमौरियां  - अक्सर  पसीने  की ग्रन्थियों का मुंह बन्द हो जाने के कारण हमारे शरीर पर छोटे-छोटे लाल दाने निकल आते हैं। इन दानों में खुजली व जलन होती है। सामान्य भाषा में हम इसे  घमौरियाँ  (Prickly heat या Miliaria) कहते हैं। गरम एवं आर्द्र (ह्युमिड) मौसम की दशा में घमैरी होती हैं। घमौरियाँ अक्सर हमारी पीठ, छाती, बगल व कमर के आसपास होती है। घमौरियों से पाएँ निजात :-  *बेसन को पानी में घोलकर घमौरियों वाले स्थान पर इसका लेप करें।  *चंदन पावडर और धनिया पावडर को बराबर मात्रा में मिलाकर इनमें गुलाबजल मिलाकर गाढ़ा लेप बनाएँ तथा इस लेप को शरीर पर कुछ देर लगाकर ठंडे पानी से धो लें।  *नहाने से पहले जौ के आटे को पानी में मिलाकर इस पेस्ट को बदन पर लगाएँ और कुछ देर बाद ठंडे पानी से नहा लें। *******************************************************************

''' पेन है ?'''

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पप्पू(लड़की से): पेन है? लड़की : नहीं है. थोडी देर बाद फिर.. पप्पू(लड़की से): पेन है? लड़की : बोला ना नहीं है. फिर थोडी देर बाद पप्पू(लड़की से): पेन है? लड़की : एक बार बोला ना नहीं है, अगर दुबारा पूछा ना तो हथौड़ा सर पर मारुंगी. फिर थोडी देर बाद . पप्पू: हथौड़ा है? लड़की: नहीं है. पप्पू: अच्छा तो पेन है.

कॉंपीटिशन..

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इंस्पेक्टर: तुम्हे किस जुर्म में सजा दी गई है. पप्पू: बस साहब गवर्मेंट से कॉंपीटिशन हो गया था. इंसपेक्टर: किस बात का ? पप्पू: साहब नोट छापने का.

शायद वो गाड़ी पर ब्रेक लगाना ही भूल गए !!!

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************************************************ पठान के ट्रक के पीछे लिखा था, "छोटा परिवार सुखी परिवार"। और सबसे नीछे लिखा था, सलीम, अब्दुल, शोएब, सलमान, फातिमा, जोया, शबनम और शेह्नाज़  के अब्बू की गाड़ी।...!!♥!! *********************************************************************************

उन्होंने कहा था .....

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उन्होंने कहा था .....  आज के युग में गरीब इंसान उसे कहते है, जिसे बिना रिमोट कंट्रोल वाले ब्लैक एंड वाईट टीवी से गुजर करना पड़ता है  | बाबा दूरदर्शनी ... कलम की अहमियत तलवार से ज्यादा होती है , क्योकि तलवार से पैजामे में नाड़ा नहीं डाला जा सकता | तलवार सिंह 'पैजामेवाले'... ऐसे रिश्तेदारों की उम्र सबसे लंबी  होती है , जिनकी करोडो की जायदाद के आप अकेले वारिस होते है | बाबा चिरायु देव ... दुनिया में 'अब' नाम का कोई शब्द नहीं होता |क्योकि जब तक आप 'अब 'कहते है , तब तक वह ' तब ' बनजाता है | ज्ञानी अबतब  सिंह ... आज के दूर में टीवी के विज्ञापन वरदान है क्योकि जब तक विज्ञापन चलते है, बच्चे आपने माता-पिता से थोड़ी - बहुत बाते कर लेते है | बाबा टीवी सिंह ' चैनलवाले '...

"पुलिस कंट्रोल" रूम में एक "फ़ोन" आया ..

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 "पुलिस कंट्रोल" रूम में एक "फ़ोन" आया  सुबहा सुबहा "पुलिस कंट्रोल" रूम में एक "फ़ोन" आया  क्या आपके सी सी tv कैमरे ठीक काम कर रहे है ? कंट्रोल रूम - जी जनाब फ़ोन करने वाले ने फिर पूछा -:- क्या करोलबाग नज़र आ रहा है ? कंट्रोल रूम - जी जनाब  फोने करने वाला -:- क्या गफ्फार मार्किट भी दिख रही है ? कंट्रोल रूम - जी जनाब ! के बात हो गई ? फोन करने वाला -:- कुछ नहीं ज़रा देख कर बताना किशन भटूरे वाले की "दूकान" खुल गई है की नहीं ?