लफ्जों का हेर-फेर
लफ्जों का हेर-फेर
पहली तस्वीर :
शाम को घर लौटते ही, जैसे ही आप अपनी बीवी को देखें, तुरंत कहें,
"आज तो तुम बिलकुल हत्यारिन लग रही हो!"
आपको शाम की चाय तो क्या, रात का खाना भी नसीब नहीं होगा! दूसरे तीसरे दिन मिल जाये तो गनीमत होगी.
दूसरी तस्वीर :
शाम को घर लौटते ही, जैसे ही आप अपनी बीवी को देखें, तुरंत कहें,
"आज तो तुम बड़ी क़ातिल लग रही हो, क्या इरादा है?"
इस डायलाग के बाद आपको शाम की चाय के साथ गरमा-गर्म पकौड़े और जाने क्या क्या आप अंदाज़ ही लगा सकते है।
पहली तस्वीर :
शाम को घर लौटते ही, जैसे ही आप अपनी बीवी को देखें, तुरंत कहें,
"आज तो तुम बिलकुल हत्यारिन लग रही हो!"
आपको शाम की चाय तो क्या, रात का खाना भी नसीब नहीं होगा! दूसरे तीसरे दिन मिल जाये तो गनीमत होगी.
दूसरी तस्वीर :
शाम को घर लौटते ही, जैसे ही आप अपनी बीवी को देखें, तुरंत कहें,
"आज तो तुम बड़ी क़ातिल लग रही हो, क्या इरादा है?"
इस डायलाग के बाद आपको शाम की चाय के साथ गरमा-गर्म पकौड़े और जाने क्या क्या आप अंदाज़ ही लगा सकते है।
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