तुझको बुलाये तेरी चाँदनी..

चंदा बिछड़ न जाये तेरी चाँदनी, आजा तुझको बुलाये तेरी चाँदनी

लूटा दे के सहारा तेरे प्यार ने, बैरी हम को तो मारा तेरे प्यार ने

ऐ चाँद तुम तो मेरी तन्हां रातों के गवाह हो ,

मेरी करवटों के गवाह हो मेरे बिस्तर की हर शिकन की तरह..

 मैंने तो प्यार को भस्म की तरह समूची काया पे मल रक्खा हैं ..

जैसे कि ऐ चाँद तुमने बादल की राख को अपने मुख पे मल रक्खा हैं ..

अब किसी की बुरी नज़र या किसी का काला साया दोनों ही बेअसर हैं, 

ऐ चाँद तुम तो मेरी तन्हां रातों के गवाह हो..

#Sandhya




हाड़-मांस से बना ये शरीर कितना भी सुंदर क्यों ना हो, मिटना ही इसकी नियति है, नहीं मिटती तो आत्मा और उसमे बसी यादें ... धुंधली जरूर हो सकती है लेकिन मिटती नहीं सदियों तक अपने अंदर एक इतिहास समेटे रहती हैं, यादें अच्छी और बुरी दोनों ही होती है हर इंसान के जीवन में !! हरि ॐ तत्सत !!

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