क्या President of usa gay है -(जाने दानव समाज क्या है )
इस से शादी करने में सिम्पल आदमी डरेगा, मोटी है इसलिए नही परंतु इस के मसल्स को देख कर. एक बार गला पकड लिया तो बात खतम, डर ये है.
महिलाओं मे दो कारण से ही मसल्स बढते हैं और उन के नारित्व को नूकसान करते हैं. एक तो हार्मोन्स का बेलेन्स तुटता है तो पुरुष का हार्मोन्स बढ जाता है तो कुदरती रूप से पुरुष के कुछ लक्षण आ जाते हैं, स्वभाव, ताकत, दाढी मूछ उगना और मसल्स भी. ये स्थायी है और हकिकत में नूकसान कारक है. दूसरा है कसरत, खेल जगत की महलाएं अपनी ताकत बढाने के चक्कर में हार्मोन्स के इन्जेक्शन भी लेती हैं और हद से ज्यादा कसरत भी करती है. इस से अपना कुदरती आकार खो देती है और मसल्सधारी बन जाती है. ये अस्थायी है, कसरत और इनेक्शन लेना छोड दे तो कुछ साल में वापस अपना आकार पकड लेती है. नीचे मैने लिन्क दिया है आप ऐसी महिलाओं को देख सकते हो। भारत के एवरेज पुरुष को देखो तो मसल्स देखने को नही मिलते, और भारतिय महिलाओं में तो बिलकुल नही. इसका मतलब ये नही है भी भारतिय पुरुष पुरुष नही है. श्रम का काम छोड दिया, कसरत करता नही तो मसल्स कहां से दिखे?
आफ्रीका की जनता की कद काठी अन्य जनता से थोडी अलग है, कुछ जातियां कुदरती रूप से ही मसल्सधारी प्रजा है, तो वहां की कुछ महिलाओं में मसल्स का दिखाई देना स्वाभाविक है.
अमरिकी प्रमुख ओबामा की पत्नि मिशेल ओबामा के बारे में नेट पर एक खूलासा हुआ है. मूल खूलासा करने बाले कहते हैं की ये बातें हमे अनकन्फर्म्ड सोर्सिस से पता चला है और बात को आगे बढानेवाले सच मान कर कुद पडे हैं, जैसे कुछ दिन पहले एक चीनी अभिनेता को नकली मानवभ्रुण खाते बताया गया था तो लोग चीन पर टुट पडे थे और चीन में मानव भुण खाने का रिवाज है ऐसा साबित कर दिया था।
एक अनकन्फर्म्ड सोर्सिस बताता है कि 1981 में ओरेगोन राज्य की एक स्लूल से मायकल रोबिन्सन नाम के लडके ने स्कूल छोड दी थी. उस के साथ रहे लोगों को वो लडका बताता था की वो पुरुष के शरीर में कैद एक लडकी है.
13 जनवरी 1983 में उस लडके ने सेक्स चेन्ज का ओपरेशन करवाया. शर्म से छुटकारा पाने और अपनी नयी पहचान के लिए वो ओरेगोन छोड कर वो प्रिन्स्टन युनिवर्सिटी चला गया मिशेल रोबिन्सन बन कर.
अगर ये समाचार सच है तो जो लोग ओबामा को 'गे' साबित करना चाहते हैं उन लोगों के लिए ये बात एक थप्पड है. मिशेल मानसिक रूप से तो नारी ही थी और ओपरेशन के बाद शारीरिक रूप से भी नारी बन गयी थी. ऐसी महिला से शादी करना 'गे' पन नही है.
आप इस लाईन को - समलैंगिक अध्यक्ष अमरीका - लिख कर गूगल करोगे तो पता चलेगा कि अमरिका के कितने नेताओं को 'गे' बताया गया है. दानव जानते हैं कि अमरिकी प्रमुख वर्ल्ड फिगर होती है, अगर उस के नाम 'गे' पन का प्रचार किया जाता है तो बहुत असरकारक प्रचार होता है, असल में वो 'गे' है नही है उस का कोइ महत्व नही, महत्व है प्रचार का . इस लिए कुछ लोगों को ऐसे प्रचार के काम में लगा दिया है. मिशेल की शारीक रचनाओं का वर्णन करते हुए उसे पुरुष साबित कर रहे हैं और ओबामा को 'गे'.
ये समाचार भारत में तो नया है अमरिका में आग की तरह फैल गया था. सरकार या ओबामा की तरफ से कोइ बचाव नही, ना कोइ जांच कमीटी बैठाई ना महिला डॉक्टरों को मिशेल के पास भेजा. सब पार्ट ओफ ध गेइम!
आखिर दानव जगत में 'गे' पन क्यों फैलाना चाहते है? सिर्फ 'गे' पन ही नही, सेक्स से जुडे हर पहलु में शैतानियत भरनी है, तभी तो शैतान राज कायम हो सकता है. अधिक जानकारी के लिए "नासा और युनो का 'ब्लू बीम प्रोजेक्ट' को देख लो।

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