जीरा (जीरक)Cumin
संस्कृत में इसे जीरक कहा जाता है, जिसका अर्थ है, अन्न के जीर्ण होने में (पचने में) सहायता करने वाला।
जीरा श्वेत, श्याम और अरण्य (जंगली) तीन प्रकार का होता है | श्वेत या सफ़ेद जीरे से सब परिचित हैं क्यूंकि इसका प्रयोग मसाले के रूप में किया जाता है | औषधियों के रूप में भी जीरे का बहुत उपयोग किया जाता है | सफ़ेद जीरा दाल -सब्जी छौंकने के काम आता है तथा शाह जीरे का उपयोग विशेष रूप से दवा के रूप में किया जाता है | जीरे की खेती समस्त भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब में की जाती है | कई अलग अलग संस्कृतियों, जीरा के व्यंजनों जड़ी बूटी जीरक, अजमोद परिवार के एक सदस्य के सूखे बीज है.
जीरे के औषधीय गुण - 1 जीरा, धनिया और मिश्री तीनों को बराबर मात्रा में मलाकर पीस लें | इस चूर्ण की 2-2 चम्मच सुबह-शाम सादे पानी से लेने पर अम्लपित्त या एसिडिटी ठीक हो जाती है |
2 कैल्शियम और आयरन से भरपूर जीरा दूध पिलाने वाली माताओं के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसके लिए जीरे को भून कर पाउडर बना लें और एक बड़ा चम्मच जीरा सुबह शाम गरम पानी या गरम दूध से लेने से फायदा होता है।
3 पांच ग्राम जीरे को भूनकर तथा पीसकर दही की लस्सी में मिलाकर सेवन करने से दस्तों में लाभ होता है |
4 वजन कम करने के लिए भी जीरा बहुत उपयोगी होता है। एक बड़ा चम्मच जीरा एक गिलास पानी मे भिगो कर रात भर के लिए रख दें। सुबह इसे उबाल लें और गर्म-गर्म चाय की तरह पिये। बचा हुआ जीरा भी चबा लें। ऐसा नियमित रूप से करने से एक महीने मे ही वजन कम होने लगेगा।
5 एक चम्मच भुने हुए जीरे के बारीक़ चूर्ण में एक चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन भोजन के बाद सेवन करने से उल्टी बंद हो जाती है |
6 जीरे को बारीक़ पीस लें | इस चूर्ण का 3-3 ग्राम गर्म पानी के साथ दिन में दो बार सेवन करने से पेट के दर्द तथा बदन दर्द से छुटकारा मिलता है |
7जीरा आयरन का अच्छा स्रोत है। इसका नियमित रूप से सेवन करने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है। आयरन की कमी होने पर एक चम्मच जीरा प्रतिदिन सुबह खाली पेट पीएं। गर्भावस्था में आयरन की जरूरत ज्यादा होती है इसलिए गर्भवती के लिए जीरा अमृत का काम करता है।
8जीरा, सेंधा नमक, काली मिर्च, सौंठ और पीपल सबको समान मात्रा में लेकर पीस लें | इस चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में भोजन के बाद ताजे पानी से लेने पर अपच में लाभ होता है |
9 15 ग्राम जीरे को 400 मिली पानी में उबाल लें | जब 100 ग्राम शेष रह जाये तब 20-40 मिली की मात्रा में प्रातः-सांय पिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं |

कार्य:
1. scavenges मुक्त कणों को खत्म speckles के
2. हृदय स्वास्थ्य को बढ़ाता है.
3. विकास और कैंसर के कुछ प्रकार के गठन को रोकता है.
4. मानव में दृश्य प्रदर्शन में सुधार करता है.
5. पूर्व सिंड्रोम के लक्षण कम कर देता है.
6. गैस्ट्रिक अल्सर में Reduces लक्षण.
7. दवा, रसायन और पर्यावरण प्रदूषण विषाक्तता के खिलाफ कोशिकाओं की रक्षा करता है....
जीरा श्वेत, श्याम और अरण्य (जंगली) तीन प्रकार का होता है | श्वेत या सफ़ेद जीरे से सब परिचित हैं क्यूंकि इसका प्रयोग मसाले के रूप में किया जाता है | औषधियों के रूप में भी जीरे का बहुत उपयोग किया जाता है | सफ़ेद जीरा दाल -सब्जी छौंकने के काम आता है तथा शाह जीरे का उपयोग विशेष रूप से दवा के रूप में किया जाता है | जीरे की खेती समस्त भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब में की जाती है | कई अलग अलग संस्कृतियों, जीरा के व्यंजनों जड़ी बूटी जीरक, अजमोद परिवार के एक सदस्य के सूखे बीज है.
जीरे के औषधीय गुण - 1 जीरा, धनिया और मिश्री तीनों को बराबर मात्रा में मलाकर पीस लें | इस चूर्ण की 2-2 चम्मच सुबह-शाम सादे पानी से लेने पर अम्लपित्त या एसिडिटी ठीक हो जाती है |
2 कैल्शियम और आयरन से भरपूर जीरा दूध पिलाने वाली माताओं के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसके लिए जीरे को भून कर पाउडर बना लें और एक बड़ा चम्मच जीरा सुबह शाम गरम पानी या गरम दूध से लेने से फायदा होता है।
3 पांच ग्राम जीरे को भूनकर तथा पीसकर दही की लस्सी में मिलाकर सेवन करने से दस्तों में लाभ होता है |
4 वजन कम करने के लिए भी जीरा बहुत उपयोगी होता है। एक बड़ा चम्मच जीरा एक गिलास पानी मे भिगो कर रात भर के लिए रख दें। सुबह इसे उबाल लें और गर्म-गर्म चाय की तरह पिये। बचा हुआ जीरा भी चबा लें। ऐसा नियमित रूप से करने से एक महीने मे ही वजन कम होने लगेगा।
5 एक चम्मच भुने हुए जीरे के बारीक़ चूर्ण में एक चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन भोजन के बाद सेवन करने से उल्टी बंद हो जाती है |
6 जीरे को बारीक़ पीस लें | इस चूर्ण का 3-3 ग्राम गर्म पानी के साथ दिन में दो बार सेवन करने से पेट के दर्द तथा बदन दर्द से छुटकारा मिलता है |
7जीरा आयरन का अच्छा स्रोत है। इसका नियमित रूप से सेवन करने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है। आयरन की कमी होने पर एक चम्मच जीरा प्रतिदिन सुबह खाली पेट पीएं। गर्भावस्था में आयरन की जरूरत ज्यादा होती है इसलिए गर्भवती के लिए जीरा अमृत का काम करता है।
8जीरा, सेंधा नमक, काली मिर्च, सौंठ और पीपल सबको समान मात्रा में लेकर पीस लें | इस चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में भोजन के बाद ताजे पानी से लेने पर अपच में लाभ होता है |
9 15 ग्राम जीरे को 400 मिली पानी में उबाल लें | जब 100 ग्राम शेष रह जाये तब 20-40 मिली की मात्रा में प्रातः-सांय पिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं |

कार्य:
1. scavenges मुक्त कणों को खत्म speckles के
2. हृदय स्वास्थ्य को बढ़ाता है.
3. विकास और कैंसर के कुछ प्रकार के गठन को रोकता है.
4. मानव में दृश्य प्रदर्शन में सुधार करता है.
5. पूर्व सिंड्रोम के लक्षण कम कर देता है.
6. गैस्ट्रिक अल्सर में Reduces लक्षण.
7. दवा, रसायन और पर्यावरण प्रदूषण विषाक्तता के खिलाफ कोशिकाओं की रक्षा करता है....

उपयोगी जानकारी जीरक के बारे में।
ReplyDeleteबहुत उपयोगी जानकारी , इसीलिए जीरे को हमारी खाद्य सामग्री में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है , जिसके बधार बिना कोई दाल सब्जी पूरी होती ही नहीं
ReplyDeleteधन्यववाद सभी का
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