हम सब ईश्वर के अंश है ।

एक विमान में एक गोरे अंग्रेज ने एकोनॉमी क्लास में सीट बुक कराई! जब वो अपनी सीट के पास पहूचा तो 

देखा वहाँ उसकी बगल वाली सीट पर एक काली अफ्रीकन महिला बेठी थी! उसे गुस्सा आ गया! उसने विमान 

परिचारिका को बुलाया और गुस्से से कहा "में इस काली भद्दी और बुरी महिला के साथ नहीं बेठ कर यात्रा नहीं 

कर सकता मेरी सीट बदल दी जाये "! परिचारिका ने विनम्रता से कहा," सर आज विमान में बहुत भीड़ है कोई 

सीट खाली नहीं है फिर भी में पॉयलेट से पूछ कर दूसरी सीट का इंतजाम करती हूँ! तब तक आप अपनी सीट 

पर बेठिये! परिचारिका वहाँ से चली गई! थोड़ी देर बाद वह पुनः वहाँ आई और गोर अंग्रेज से बोली "सर मेने 

पॉयलेट से बात की उन्होंने बताया कि आज एकोनॉमी क्लास में कोई सीट खाली नहीं है हां एक सीट फर्स्ट 

क्लास में खाली है हमारे सम्मानीय ग्राहक को बुरे लोगों के साथ सफ़र करने में कोई तकलीफ ना हो इस लिए 

उन्होंने वहाँ बैठने कि अनुमति दे दी है! यह सुन कर अंग्रेज के चेहरे पर मुस्कान आ गई वो फर्स्ट क्लास में 

जाने के लिए ज्योही उठाने लगा. परिचारिका ने उस काली अफ्रीकन महिला से विनम्रता से कहा, "मेडम आप 

फर्स्ट क्लास कि उस सीट पर बेठिये ताकि आप को बुरे लोगों के साथ यात्रा करने कि तकलीफ ना उठानी पड़े "! 

अंग्रेज परिचारिका का मुह देखता रह गया!


हम सभी ईश्वर के अंश है न कोई गोरा और न कोई काला स्वेक्षा से नहीं होता । इस लिए भेदभाव न रखे , मिलजुल कर प्यार से रहे ।

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