याददाश्त को बढ़ाने के कारगर उपाय :-

 बार-बार भूलने की समस्या बहुत ही परेशानी देने वाली होती है। जिन लोगों के साथ ये समस्या होती है सिर्फ वे खुद ही नहीं उनसे जुड़े अन्य लोग भी कई बार समस्या में पड़ जाते है। उम्र बढ़ने के
साथ-साथ कई लोगों की याददाश्त कमजोर होने लगती है। किसी भी चीज को ढ़ूंढने या काम को याद रखने के लिए दिमाग पर जोर डालना पड़ता है। 
प्रथम उपाय खानपान से -

नीचे लिखी चीजों को अपने आहार में शामिल करें और पाएं गजब की याददाश्त।
• ब्राह्मी-

ब्राह्मी का रस या चूर्ण पानी या मिश्री के साथ लेने से याददाश्त
तेज होती है। ब्राह्मी के तेल की मालिश से दिमागी कमजोरी, खुश्की दूर होती है।

• फल- 

लाल और नीले रंगों के फ लों का सेवन भी याद्दाशत बढ़ाने में याददाश्त बढ़ाने में मददगार होते हैं जैसे सेब और ब्लूबेरी खाने से भूलने की बीमारी दूर होती है।

• सब्जियां-

बैंगन का प्रयोग करें। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व दिमाग के टिशू को स्वस्थ्य
रखने में मददगार होते हैं। चुकंदर और प्याज भी दिमाग बढ़ाने में अनोखा काम करते हैं।
• गेहूं -

गेहूं के जवारे का जूस पीने से याददाश्त बढ़ती है। गेहूं से बने हरीरा में शक्कर और
बादाम मिलाकर पीने से भी स्मरण शक्ति बढ़ती है।
• अखरोट -

अखरोट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स व विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में मौजूद प्राकृतिक रसायनों को नष्ट होने से रोककर रोगों की रोकथाम करते हैं। इसमें उच्च मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है। रोजाना अखरोट के सेवन से याददाश्त बढ़ती है। 
दूसरा उपाय योग के माध्यम से - 

हाल में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने माना है कि हर बात पर गूगल करने की हमारी फिदरत हमारी याददाश्त के लिए बड़ा खतरा होती जा रही है और इसकी वजह से हमारी याददाश्त पिछली पीढ़ी के मुक़ाबले कम  हो रही है । दिमाग तेज रखने और याददाश्त बढ़ाने के ल‌िए भूचरी आसन जानिए, इस मुद्रा की सही विधि-

 इसे करने के लिए सुखासन में यानी पालथी मारकर सीधे बैठें और कमर सीधी रखें।

- अब हथे‌लियों को ऊपर की ओर करके अपनी जांघों या घुटनों पर रखें। आराम महसूस करें।

- आंखें बंद करें और गहरी सांस लें व नाक से ही सांस छोड़ें।

- एक हाथ उठाएं और अंगूठे से ऊपर के होठ को हल्का दबाएं, हथेली नीचे की ओर होनी चाहिए। कोहनी की सीध में उंगलियां हों।

- अब आंखें खोलें और अपनी छोटी उंगली की ओर देखने का प्रयास करें, बिना पलक झपकाएं।

- कोशिश करें कि 10 मिनट तक यह अभ्यास कर सकें और फिर सामान्य मुद्रा में आ जाएं।




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