मथुरा जी का जगु पंडा (कविता )
बचपन में बालहंस पत्रिका में पढ़ी थी याद आ गई
मथुरा जी का जगु पंडा ,५५ लड्डू खाता ,
लग जावे जब होड़ तो रबड़ी ८ किलो पी जाता ,
५२ इंच का तोंद का घेरा , ८ इन्च की चोटी,
जिस दिन घर में रोटी खाता ,उस दिन घरवाली रोती .
लग जावे जब होड़ तो रबड़ी ८ किलो पी जाता ,
५२ इंच का तोंद का घेरा , ८ इन्च की चोटी,
जिस दिन घर में रोटी खाता ,उस दिन घरवाली रोती .

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